मुंबई : वंचित बहुजन आघाड़ी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ॲड. प्रकाश आंबेडकर ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट के माध्यम से कहा कि BMC के ठेकों के तहत सफाई कर्मचारियों को बिना किसी सुरक्षा उपकरण के नंगे हाथों से गटर साफ करने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
ॲड. प्रकाश आंबेडकर ने इस प्रथा को, “जातिवादी और अमानवीय” बताते हुए कड़ी निंदा की। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर वे कौन से अधिकारी हैं जिन्होंने ठेकेदारों को बिना सुरक्षा उपायों के काम करने की मंजूरी दी, जिससे कानून का खुला उल्लंघन हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि BMC और ठेकेदारों के बीच सांठगांठ के कारण यह अमानवीय प्रथा लगातार जारी है। (Prakash Ambedkar)
अपने बयान में उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस प्रथा को तुरंत बंद नहीं किया गया, तो वंचित बहुजन आघाड़ी आंदोलन तेज करेगी और BMC अधिकारियों को खुले नाले मैं उतारने की चेतावणी दि है। (Prakash Ambedkar)
इस मुद्दे ने एक बार फिर मैनुअल स्कैवेंजिंग (हाथ से सीवर सफाई) जैसे गंभीर सामाजिक और मानवाधिकार से जुड़े प्रश्नों को उजागर किया है। ऐसे लगातार अलग अलग राज्य से खबरे आती रही हैl मात्र, प्रशासन इसे अनदेखा कर रही है।





