मुंबई : वंचित बहुजन आघाड़ी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एड. प्रकाश आंबेडकर ने 1 अक्टूबर को मुंबई में आयोजित किए जाने वाले ‘हम ईरान के साथ’ मार्च को लेकर अपनी भूमिका स्पष्ट की है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से मुस्लिम कार्यकर्ताओं और मौलवियों से इस मुद्दे पर चर्चा करने और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी आवाज उठाने की अपील की है।
ॲड. प्रकाश आंबेडकर बोले की, यह मार्च भारत की विदेश नीति से जुड़ा मुद्दा है। केंद्र की RSS-BJP सरकार इजराइल के साथ खड़ी है, जबकि भारत की जनता ईरान के साथ खडी है। इसी भूमिका को सामने रखने के लिए 1 अक्टूबर को मार्च आयोजित किया जा रहा है।
उन्होंने पश्चिम एशिया में बढ़ते युद्ध के संभावित आर्थिक प्रभावों पर भी चिंता जताई। ॲड. प्रकाश आंबेडकर ने कहा कि, खाडी मैं युद्ध बढ़ने से भारत की समस्या बढ़ेगी। स्टेट ऑफ होर्मुज में से भारत का तेल आता है। अगर युद्ध के कारण तेल की सप्लाई रुक जाती है, तो भारत के अंदर महंगाई बढ़ जाएगी।
आगे ॲड. प्रकाश आंबेडकर ने कहा कि ऐसे समय में मुफ्ती और मौलवियों को इस मुद्दे पर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने सभी मुसलमानों से 1 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) पहुंचकर मार्च में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है।
वंचित बहुजन आघाड़ी की ओर से आयोजित इस मार्च का उद्देश्य भारत की पश्चिम एशिया संबंधी विदेश नीति और ईरान के साथ भारत के संबंधों को लेकर अपनी राजनीतिक भूमिका सामने रखना बताया गया है।





